Published On: May 07, 2019

वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में सिलेक्शन न होने पर ऋषभ पंत ने कहा , 'जब आप सिलेक्ट नहीं होते हो तो बहुत बुरा लगता है। मैं इसका आदी हो चुका हूं। लेकिन एक प्रफेशनल खिलाड़ी को यह इस प्रकार की स्थितियों से निपटना आना चाहिए। जिंदगी में चीजें कभी भी वैसे नहीं होती जैसी कि आप कल्पना करते हैं। जब चीजें आपके मुताबिक नहीं जातीं तो फिर आपको खुद को पॉजिटिव रखने का रास्ता ढूंढना होता है। महत्वपूर्ण यह होता है कि आप यह जानते हैं कि कैसे आगे बढ़ना है। मैं किसी भी आलोचना को सकारात्मक रूप में लेता हूं। मैच खत्म करना महत्वपूर्ण है। मुझे यह सीखना होगा कि मैं यह लगातार कर सकूं। आप सिर्फ अपने अनुभवों और अपनी गलतियों से ही सीखते हैं। चीजें एक रात में नहीं बदलतीं। मैं सिर्फ 21 साल का हूं। यह बड़ा मुश्किल है कि मैं एक 30 साल के व्यक्ति की तरह सोच सकूं। लेकिन इस प्रयास में मैं दिमागीरूप से और मजबूत होऊंगा और समय के साथ-साथ मेरी मच्योरिटी भी बढ़ती ही जाएगी। लेकिन आपको थोड़ा समय देना होगा। नेचुरल टैलंट सुनने में अच्छा लगता है। लेकिन मुझे यह ज्यादा जानकारी नहीं है कि असल में नेचुलर टेलंट होता क्या है और इसे कैसे कड़ी मेहनत के साथ जोड़ा जा सकता है। मैं जानता हूं कि अगर मुझे उच्च स्तरीय क्रिकेट खेलना है तो कड़ी मेहनत किए बिना यह संभव नहीं है। मुझे हमेशा अपने ऊपर ही फोकस करने को कहा गया है, दूसरों की बातें सोचने पर नहीं। मैं अगर टीम इंडिया के लिए भी खेलूं तो मेरा मकसद यही होता है कि मैं अपनी टीम की जीत में मदद कर सकूं और यही मैं उन सभी टीमों के लिए सोचता हूं, जिनके लिए मैं खेलता हूं।'  

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